डिजिटल अर्थव्यवस्था और आर्थिक विकास: नवाचार, रोजगार एवं उत्पादकता पर प्रभाव

Authors

  • Kuldeep Aheja

Keywords:

डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्थिक विकास, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, उत्पादकता, रोजगार, डिजिटल विभाजन, ई-कॉमर्स, डिजिटल बुनियादी ढाँचा।

Abstract

डिजिटल प्रौद्योगिकी ने आधुनिक अर्थव्यवस्था की संरचना, उत्पादन प्रणाली, व्यापार, रोजगार और उपभोक्ता व्यवहार में व्यापक परिवर्तन उत्पन्न किया है। इंटरनेट, मोबाइल संचार, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल भुगतान, बिग डेटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने आर्थिक गतिविधियों को अधिक तीव्र, परस्पर जुड़ा हुआ और डेटा-आधारित बनाया है। डिजिटल अर्थव्यवस्था केवल सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, विनिर्माण, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, व्यापार और सार्वजनिक प्रशासन जैसे लगभग सभी क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। प्रस्तुत शोध-पत्र डिजिटल अर्थव्यवस्था की अवधारणा तथा आर्थिक विकास के साथ उसके संबंध का विश्लेषण करता है। इसमें डिजिटल बुनियादी ढाँचे, नवाचार, उत्पादकता, रोजगार, डिजिटल उद्यमिता, ई-कॉमर्स, वित्तीय समावेशन और मानव पूँजी पर डिजिटल परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन किया गया है। साथ ही डिजिटल विभाजन, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, श्रम विस्थापन और बाजार एकाग्रता जैसी चुनौतियों का भी विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डिजिटल प्रौद्योगिकी उत्पादकता और नवाचार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है, लेकिन इसके लाभ स्वतः और समान रूप से वितरित नहीं होते। डिजिटल कौशल, इंटरनेट तक पहुँच, संस्थागत गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता में असमानता डिजिटल लाभांश को प्रभावित करती है। अतः डिजिटल अर्थव्यवस्था को समावेशी बनाने के लिए डिजिटल बुनियादी ढाँचे, कौशल विकास, नवाचार, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण पर एक साथ ध्यान देना आवश्यक है।

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Published

31-12-2018

Issue

Section

शोध-पत्र